मंत्र:- ॐ परब्रह्मा परमात्मने: मम् शरीरम् रक्षां कुरु कुरु स्वाहा।।
विधि- इस मंत्र को नवरात्रि में 10,000 जप करें तो मंत्र सिद्ध होता है। जप करते समय घी का दीपक व गूगल धूप अगरबत्ती जलती रहनी चाहिए।
लाभ- सुबह घर से निकलते वक्त इस मंत्र को 7 बार जप करें वह शरीर के तीन फूंक लगाकर घर से निकले तो इस मंत्र द्वारा आपकी भूत-प्रेत ऊपरी पराई तंत्र- मंत्र- यंत्र एक्सीडेंट आदि से आपकी सुरक्षा होती है।
रक्षा कवच मंत्र:- ॐ बजर-बजर,बजर की बाड़,बजर पर बाधूँ दशो दीवार,देश दवार की घोल घाट,उलट पडे़ बादी की खाट,पहली चौकी गणपति जी की, दूजी चोकी भैरूं जी की, तीजी चौकी गुरु गोरखनाथ की, चौथी चौकी बजरंगबली की ..........................,, शब्द सांचा पिंड काचा फुरो मंत्र ईश्वरो वाचा।।
विधि- पूरा मंत्र और विधि जानने के लिए ब्लॉग पर संपर्क करें।
लाभ- यह मंत्र मेरे द्वारा परीक्षित है मैंने इस मंत्र द्वारा स्वयं की रक्षा का कवच तैयार किया है तथा साथ ही में इस मंत्र द्वारा अभिमंत्रित रक्षा (कडा़)जिस किसी को भी अभिमंत्रित करके दिया है उसको तंत्र मंत्र , ऊपरी पराई भूत प्रेत जिन्न जिन्नात डाकिनी शाकिनी नजर दोष द्वारा उसको सभी तरफ से सुरक्षा प्राप्त हुई है।।
रक्षा कवच मंत्र:- तांबा की जमीन लोहे की फाण, कीले-कीले जागता मसान, कीले मेरे गुरु को भी कीले,कीलन-कीलन हो रही मेरे गुरु को भी कील बागरास बागणी, कपाल राज जोगनी नाहरसिंह की चौकी कंठो की कालका ईश्वर की कुंजी ब्रह्मा का ताला गौरा पार्वती बैठी रखवाली मेरे पिंड की बैठी गौरा पार्वती रखवाली शब्द सांचा पिंड काँचा फुरो मंत्र ईश्वरो वाचा।।
रक्षा कवच मंत्र:- तांबा की जमीन लोहे की फाण, कीले-कीले जागता मसान, कीले मेरे गुरु को भी कीले,कीलन-कीलन हो रही मेरे गुरु को भी कील बागरास बागणी, कपाल राज जोगनी नाहरसिंह की चौकी कंठो की कालका ईश्वर की कुंजी ब्रह्मा का ताला गौरा पार्वती बैठी रखवाली मेरे पिंड की बैठी गौरा पार्वती रखवाली शब्द सांचा पिंड काँचा फुरो मंत्र ईश्वरो वाचा।।
विधि- इसकी विधि जानने के लिए ब्लॉग पर या ईमेल id पर संपर्क करें।
लाभ- इस मंत्र प्रयोग द्वारा आपकी और आपके परिवार की सभी बाधाओं से सुरक्षा होती है।

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