शनिवार, 20 मार्च 2021

सर्वकामनापूर्ति श्रीकाली चैटक मंत्र

 


मंत्र - ॐ कंकाली महाकाली केलि कलाभ्याम स्वाहा !!


विधान -शुभ दिन से प्रारम्भ करें! ब्राम्हचार्य व्रत का पालन करते हुए,काला आसान और काले रंग की हकीक या रुद्राक्ष की माला का प्रयोग करें! एकांत कमरे मे काली माता की फोटो स्थापित करके सामने बैठकर शुद्ध घी का दीपक जलाये !धूप अगरबत्ती, फल, पुष्पमाला, माता को चढ़ाये, मिठाई का भोग लगाए ! इस मंत्र की 11 माला 21दिन तक जाप करें और चमेली के 1000 फूलों में घी  का मिश्रण करके मंत्र बोलकर हवन करें! हम केवल प्रथम दिन ही करना है, 21 दिन पश्चात बाद में नित्य एक माला जप करता रहे!

 मां काली के इस मंत्र के प्रभाव से व्यक्ति को धन लाभ होता है उसके सारी परेशानियां कष्ट दूर हो जाते हैं! घर में सुख शांति हो जाती है ग्रह बाधा दूर होती है और शत्रु परास्त हो जाते हैं!

 व्यक्ति जिस वस्तु की इच्छा से इस मंत्र का जाप करता है उसकी वह इच्छा मां काली के आशीर्वाद से पूर्ण हो जाती है !

 इस अनुष्ठान में ब्रह्मचर्य का पालन अनिवार्य है अन्यथा हानि हो सकती है!








शुक्रवार, 19 मार्च 2021

त्रिलोक मोहन (गौरी मंत्र )

 


मंत्र - ह्रीं नमो ब्रम्हाश्रीराजिते राजपूजिते जय विजय गौरी गांधारी त्रिभुवन वशंकरी सर्वलोक वशंकरी, सर्व स्त्री-पुरुष वशंकरी, सु सु दु दु घे घे वा वा ह्रीं स्वाहा!












विधान -



सोमवार, 4 जनवरी 2021

अन्नपूर्णा मंत्र साधना



मंत्र - ॐ नमो ईश्वर चल, ब्रम्हा केशरी रिद्धि-सिद्धि दीन्ही हमारे हाथ, भरो भंडार वास करो सुखी रक्षा कर, श्री अन्नपूर्णा जवालामुखी चोखा एक!!


विधान -











मां भगवती का वह स्वरूप जिससे संसार को भरण पोषण और अन्न वस्त्र मिल रहा है वे अन्नपूर्णा स्वरूप हैं. माना जाता है कि दुनिया में समस्त प्राणियों को भोजन मां अन्नपूर्णा की कृपा से ही मिल रहा है.

भगवान शिव चूंकि समस्त सृष्टि का नियंत्रण अपने परिवार की तरह करते हैं. अतः उनके इस परिवार की गृहस्थी मां अन्नपूर्णा चलाती हैं. मां अन्नपूर्णा की उपासना से समृद्धि, सम्पन्नता और संतोष की प्राप्ति होती है. इसके साथ ही साथ व्यक्ति को भक्ति और वैराग्य का आशीर्वाद भी मिलता है.  


मां अन्नपूर्णा की पूजा में किन-किन बातों की सावधानी रखनी चाहिए?

- मां अन्नपूर्णा की पूजा प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में या संध्याकाल में करनी चाहिए.

- पूजा के समय लाल, पीले और श्वेत वस्त्र धारण करें.

- भगवती अन्नपूर्णा को कभी भी दूर्वा (दूब) अर्पित न करें.

- मंत्र जाप के लिए तुलसी की माला का प्रयोग न करें.

- अपनी माता और घर की स्त्रियों का सम्मान करें.


किस प्रकार करें मां अन्नपूर्णा की पूजा ताकि दरिद्रता का नाश हो और सम्पन्नता की प्राप्ति हो?

- मां अन्नपूर्णा की पूजा रोज भी कर सकते हैं या केवल शुक्रवार को भी कर सकते हैं.  

- मां अन्नपूर्णा के चित्र के समक्ष घी का दीपक जलाएं.  

- संपूर्ण भोजन जरूर चढ़ाएं.  

- ध्यान रखें कि भोजन अर्पण के पूर्व घर में किसी ने भोजन ग्रहण न किया हो.   

- तत्पश्चात अन्नपूर्णा स्तोत्र का पाठ करें या मां के मंत्र का जाप करें.

- इसके बाद अर्पित किए गए भोजन को प्रसाद की तरह ग्रहण करें.

सर्वकामनापूर्ति श्रीकाली चैटक मंत्र

  मंत्र - ॐ कंकाली महाकाली केलि कलाभ्याम स्वाहा !! विधान -शुभ दिन से प्रारम्भ करें! ब्राम्हचार्य व्रत का पालन करते हुए,काला आसान और काले रंग...