मंत्र:- कच्चा तेल तेल की घाणी, तेल कर हकीकत न्यारी राजा मोहूं, प्रजा मोहूं, मोहूं नगरी सारी, डूंगर चढ़ता मर्गा मोहूं, तो रंडी की कौन विचारी, मेरी मोही न मोहे तो, तखत सुलेमान का चाक उल्टा फिरै।।
विधि- तिल का तेल लेवे कच्ची घानी का ले, जिसमे खीरा या अग्नि न लगा हो। कांच की शीशी में डालें 21 दिन तक एक माला नित्य हनुमान जी के के मंदिर में जपै। गूगल धूप गाय के घी का दीपक जप करते समय जलाएे।
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