वनस्पति तंत्र मेंअपामार्ग का प्रयोग बहुत ही अद्भुत है जिस तरह अपामार्ग द्वारा दवाओं का निर्माण करके मनुष्य को रोगों से मुक्ति मिलती है उसी तरह अपामार्ग के तंत्र प्रयोगों द्वारा व्यक्ति अपने शारीरिक मानसिक अध्यात्मिक कष्टों को दूर कर सकता है! एक सफल तंत्र का ज्ञाता व्यक्ति ही आपको इस प्रकार के तंत्र के अचूक उपाय बताकर आपको साधना के क्षेत्र में आगे बढ़ा सकता है! यह ज्ञान केवल और केवल गुरुद्वारा प्राप्त होता है, जिससे आम साधक ज्ञान को प्राप्त करके अपनी साधनाओं को पूरा करके एक विशेष प्रकार का ज्ञान प्राप्त करके सर्व सिद्धि को प्राप्त होता है! इसलिए कहा गया है कि साधकों को गुरु बहुत ही सोच-समझकर बनाना चाहिए! इसीलिए कहा गया है "पानी पीजिए छानकर, गुरु बनाइए जानकर"!
मेरे द्वारा जो भी प्रयोग जो भी मंत्र इस ब्लॉग पर बताए गए हैं वह स्वयं के अनुभव से मुझे और गुरु की आशीर्वाद से मुझे प्राप्त हुए हैं!अभी जो में प्रयोग बताने जा रहा हूं बहुत से साधकों के कमेंट्स पर प्रयोग बताने जा रहा हूं!
मेरे द्वारा जो भी प्रयोग जो भी मंत्र इस ब्लॉग पर बताए गए हैं वह स्वयं के अनुभव से मुझे और गुरु की आशीर्वाद से मुझे प्राप्त हुए हैं!अभी जो में प्रयोग बताने जा रहा हूं बहुत से साधकों के कमेंट्स पर प्रयोग बताने जा रहा हूं!
सबसे पहले किसी रवि पुष्य नक्षत्र से 1 दिन पहले यानी शनिवार शाम को रोली-मौली-चावल लेकर अपामार्ग के पेड़ के पास जावे और दो अगरबत्ती जलावे!फिर उस वृक्ष के चारों तरफ चावल डालेंं उसको तिलक करें फिर उससे मौली बांधें और हाथ जोड़कर निवेदन करें हे वृक्ष राज मैं आप को निमंत्रण देने आया हूँ मेरा निमंत्रण स्वीकार करें मै कल सुबह आपको लेने आऊंगा और आप मेरे साथ चल कर मेरा कार्य सिद्ध करें! फिर दूसरे दिन सुबह सूर्य उदय से पहले जल्दी उठकर स्नान करके अपामार्ग वृक्ष के पास जावे! और उन से निवेदन करें कि "हे वृक्ष राज मैं आपको लेने आ गया हूं मेरे साथ चल कर मेरा कार्य सिद्ध करें" ! फिर उस वृक्ष को जड़ सहित उखाड़ कर साफ लाल कपड़े से लपेट कर उसको सिर पर रखकर घर चले आवे पीछे मुड़कर नहीं देखें उसको स्नान कराकर पूजन स्थल पर रखें व उसका विधि विधान से पूजन करें! तत्पश्चात जब उसको प्रयोग में लेना हो तो उसकी विधि इस प्रकार है !
प्रयोग- इसकी जड़को रुई में लपेट कर बाती बनावेेेे और गाय के घी में दीपक जलाए.......... हाजरात सिद्ध हो !!
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mantratantrasamadhan@gmail.com
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