मंत्र:- काला बिच्छु कोत्तर वाला, हरि पाख सोना का नाडा़, खेरें बिच्छू थारी जात,म जन्मयों मावस की रात,चढ़ तो मारू उत्तरं तो उतारू नहीं उतरे तो माता अंजनी का पिया दूध हलाल से हराम करें।।
विधि- होली दशहरा दिवाली की रात्रि में इस मंत्र की 5 माला जाप करें तो सिद्धि मिले। गूगल धूप दीपक जलता रहे वह जप के अंत में अग्नि पर दो लोग एक पतासे का भोग लगाए ।।
लाभ- इस मंत्र द्वारा नीम के पत्तों की डाली से 21 बार झाड़ा लगाने से बिच्छू का जहर उतर जाता है।

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